आरती सिंह एमपी सतना की पहली तलवारबाज महिला इंस्ट्रक्टर हैं. रानी लक्ष्मीबाई से प्रेरित आरती ने 50 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है. उनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है
सतना : समाज में अपने जीवन को निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा में समर्पित करने वाले लोग कम ही देखने को मिलते हैं. ऐसे लोग, जो समाज की सेवा करना चाहते हैं, उनमें हर समय दूसरों के लिए कुछ कर दिखाने का जज्बा कूट-कूट कर भरा रहता है. हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश की पहली तलवारबाज़ महिला इंस्ट्रक्टर, सतना उतैली निवासी क्षत्राणी आरती सिंह की.
नारी सुरक्षा के लिए समर्पित
आज के समय में युवतियों और महिलाओं के साथ जिस प्रकार के अपराध हो रहे हैं, हर जगह महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. इसी स्थिति को बदलने के लिए आरती सिंह ने निस्वार्थ भाव से युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए निःशुल्क तलवारबाजी सिखाने का बीड़ा उठाया है.
तीन वर्षों की निःशुल्क सेवा
पिछले तीन वर्षों में आरती सिंह ने 50 से ज्यादा युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार किया है. मौजूदा समय में, आरती हर दिन 10-15 बच्चों का बैच सुबह और शाम को संचालित करती हैं. तलवारबाजी सीखने के बाद ये युवतियां आत्मरक्षा के लिए हरदम तैयार रहती हैं.